STORYMIRROR

कुत्सित प्रेम निर्झर मुक्ति दे बहे लागल सतत् भ्रम नीर जिज्ञासु-ज्ञान पिपासु रहें जीवन जीने की युक्ति दे फगुनी अच्छी कविता अधिकार अनुकरणीय हो निज आचरण पथ प्रदर्शन कृतज्ञता रे बहे नारी सशक्तीकरण जीवन सरित समाज में उजियारा विद्या

Hindi बहे प्रेम सरित Poems