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बहे कुत्सित जैसे सतत् भ्रम समाज में उजियारा प्रेम निर्झर अधिकार मुक्ति दे साबित रे जिज्ञासु-ज्ञान पिपासु रहें जीवन जीने की युक्ति दे पथ प्रदर्शन अच्छी कविता हालात पानी बहे जा रहा है! फगुनी बहे लागल जीवन सरित बयार

Hindi बहे प्रेम सरित Poems