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जैसे साबित नीर मुक्ति दे प्रेम निर्झर बहे लागल सतत् भ्रम कृतज्ञता पानी बहे जा रहा है! जिज्ञासु-ज्ञान पिपासु रहें फगुनी हालात रे बहे अनुकरणीय हो निज आचरण समाज में उजियारा विद्या जीवन जीने की युक्ति दे नारी सशक्तीकरण जीवन सरित

Hindi बहे प्रेम सरित Poems