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रक्त अधिकार साबित जिज्ञासु-ज्ञान पिपासु रहें कुत्सित समाज में उजियारा अनुकरणीय हो निज आचरण बहे मुक्ति दे रे पथ प्रदर्शन जैसे नीर हालात कृतज्ञता सतत् भ्रम जीवन सरित विद्या प्रेम निर्झर बहे लागल

Hindi बहे प्रेम सरित Poems